छोटा पदचिह्न:क्योंकि यह लंबवत रूप से चलता है और अपनी धुरी पर घूमता है, इसलिए यह उन तंग कोनों में फिट हो जाता है जहां एक पारंपरिक फोर्कलिफ्ट या 6-एक्सिस रोबोट को जाने की जगह नहीं मिल पाती।
बहुमुखी प्रतिभा:अधिकांश मॉडल केवल एंड-ऑफ-आर्म टूल (ईओएटी) को बदलकर केस, बैग, बंडल या क्रेट को संभाल सकते हैं।
प्रोग्रामिंग में आसानी:आधुनिक प्रणालियों में अक्सर "पैटर्न-बिल्डिंग" सॉफ़्टवेयर होता है जो आपको रोबोटिक्स में डिग्री की आवश्यकता के बिना अपने स्टैकिंग लेआउट को ड्रैग और ड्रॉप करने की अनुमति देता है।
मल्टी-लाइन सक्षम:कई कॉलम पैलेटाइज़र को एक साथ दो या तीन अलग-अलग उत्पादन लाइनों को संभालने के लिए स्थापित किया जा सकता है, जो इसके घूर्णन त्रिज्या के भीतर अलग-अलग पैलेटों पर स्टैकिंग करते हैं।
कोई भी निर्णय लेने से पहले, आपको इन तीन महत्वपूर्ण बातों की जांच कर लेनी चाहिए:
थ्रूपुट आवश्यकताएँ:यदि आपकी मशीन एक मिनट में 60 केस निकाल रही है, तो सिंगल-कॉलम पैलेटाइज़र शायद इस गति को बनाए रखने में असमर्थ हो। ये कम से मध्यम गति वाले संचालन के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
उत्पाद का वजन:हालांकि ये मजबूत होते हैं, लेकिन इनकी भार वहन क्षमता सीमित होती है। अधिकांश मानक इकाइयाँ अधिकतम भार वहन कर सकती हैं।30 किलोग्राम–50 किलोग्रामहालांकि, भारी-भरकम संस्करण भी मौजूद हैं, लेकिन प्रति पिक के हिसाब से कीमत अलग-अलग होती है।
स्थिरता:कॉलम पैलेटाइज़र एक बार में एक (या कुछ) आइटम रखते हैं, इसलिए ये स्थिर लोडिंग के लिए बेहतरीन होते हैं। अगर आपका उत्पाद बहुत ही अस्थिर या नरम है, तो आपको लेयर पैलेटाइज़र की ज़रूरत पड़ सकती है जो लेयर को रखने से पहले उसे दबा देता है।